आप लोगों ने एक गाना तो सुना ही होगा की मेरी देश की धरती सोना उगले – उगले हिरे मोती मेरे देश की धरती, जी हाँ तोह अब यह बात सत्य होती दिख रही है क्योंकि 2025 महाकुम्भ के बाद प्रयागराज वासियों और प्रॉपर्टी निवेशकों की किस्मत बदल गयी है। प्रयागराज एयरपोर्ट के पास पीपलगांव जो जमीन 2025 से पहले 10,000 रुपये वर्ग गज में मिल रही थी वह सब 25,000 रुपये से शुरू होकर 60,000 रुपये वर्ग गज तक में मिल रही है , उसी तरह कालिंदिपुरम में जो मकान 60 – 70 लाख रुपये तक का मिल रहा था वह सब अब 80-90 लाख रुपये के ऊपर बिक रहे हैं। महाकुम्भ के बाद से प्रयागराज में प्रॉपर्टी के लिए निवेश को बहुत बढ़ावा मिला है साथ ही सरकार द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं के माधयम से जो विकास किया है उसका असर अब धरातल पर दिखने लगा है।
PDA यानी की प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी के द्वारा नगर निगम क्षेत्र का लगातार विकास किया जा रहा है और आने वाले समय में तेज़ी से सहरीकरण को देखते शहर से सटे भगवतपुर ब्लाक के 18 गांवों की भूमि को निबंधन विभाग ने अकृषक घोषित कर दिया है।
सर्किल रेट में 35 % तक वृद्धि
ज़मीन के तेज़ खरीद और बिक्री को देखते हुए सरकार ने शहर से बिल्कुल सटे पीपलगांव, कटहुला गौसपुर, बमरौली, भगवतपुर, कालंदिपुरम जैसे जगह की जमीन का सर्किल रेट 35 प्रतिशत बढ़ा दिया है इससे सरकार को राजस्व का काफी लाभ मिलेगा क्योंकि इन क्षेत्रों में पहले ही मार्किट रेट इससे भी ऊपर चल रहा है।
प्रयागराज में प्रॉपर्टी की डिमांड अभी भी इतनी ज्यादा है की PDA को अपनी प्लानिंग के लिए एयरपोर्ट के पास बड़ी ज़मीन नहीं मिल पा रही है और लगातार प्रयागराज उत्तर प्रदेश के सबसे प्रमुख निवेश स्थान उभरकर सामने आ रहा है।
प्रॉपर्टी निवेशकों के लिए प्रयागराज की धरती बनी सोना

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